Mutual Fund in Hindi – म्यूचुअल फ़ंड के लाभ और हानि क्या है

What is a Mutual fund?

Mutual Fund in Hindi: Mutual funds are an investment vehicle that is becoming popular today among both seasoned and new investors. Mutual funds are diversified in nature and, therefore, offer a lower risk of loss.

This has paved the way for many people to invest in the open market. The mutual fund of today is a little bit different from the ancient one due to the combination of several investment models. (Mutual Fund in Hindi)

When did it begin? – यह कब शुरू हुआ

When did it begin: It is not very clear when the mutual fund was developed. However, there are stories that began in Europe and spread to the rest of the world. The most popular one is that of a Dutch merchant called Adriaan Van Ketwich. (Mutual Fund in Hindi)  

In 1774, he came up with the idea of getting modest investors to create a pool of investments. He began with the thought of “unity creates strength”. He offered small-time investors the opportunity to own a part of a diversified fund that consisted of income from securities and bonds.

According to several experts, this was the first closed-end fund. Some Consider Ketwich to be a legend became his idea came at a time when it was required the most—the European financial market was upset. To manage the risks of the fund, the investments were spread out to Southern and Central America, Russia, Sweden, Spain, Germany, Denmark, and Austria. ( Mutual Fund in Hindi )

यह भी जाने

Mutual funds in India

Mutual Fund in Hindi: भारत में म्यूचुअल फंडस की शुरुआत यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया की स्थापना के साथ 1963 में हुई थी। 1980 के बाद के वर्षों में, भारत सरकार ने निजी क्षेत्रों की बैंक और संस्थानों को अपने स्वयं के म्यूचुअल फंडस स्थापित करने की अनुमति दे दी।

Mutual funds in India (English)

In India, Mutual Funds began with the set up of Unit Trust of India in 1963. In the later years of the 1980s, the Government of India allowed public sector banks and institutions to set up their own mutual funds.

Regulation of the protection of investors

 Mutual Fund in Hindi: 1992 में, सिक्योरिटीज एंड एक्स्चेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (सेबी) अधिनियम पारित किया गया। यह अधिनियम भारतीय लोगों के निवेशों को विनियमित करने के लिए बनाया गया था। सेबी अधिनियम को बनाने का उद्देश्य प्रतिभूतियों में निवेशकर्ताओं के हितों की रक्षा करना और विकास को बढ़ावा देना और प्रतिभूति बाज़ार को विनियमित करना था।

Regulation of the protection of investors (English) 

In the year 1992, the Securities and Exchange Board of India (SEBI) Act was passed to regulate investments of the people of India. The objectives of the SEBI act are to protect the interest of investors in securities and to promote the development of and regulate the securities market

How does SEBI regulate Mutual Funds?

म्यूचुअल फंडस को विनियमित करने के लिए सेबी का उत्तरदायित्व नीतियाँ बनाना और म्यूचुअल फंडस को विनियमित करना और उन पर नज़र रखना है जिससे निवेशकों के हितों की रक्षा की जा सके। सेबी ने म्यूचुअल फंडस के लिए विनियमन 1993 में अधिसूचित किया था।

इसके बाद, निजी क्षेत्रों द्वारा प्रायोजित म्यूचुअल फंडस को पूंजी बाज़ार में प्रवेश करने की अनुमति मिली। ये विनियम 1996 में संशोधित किए गए जो बाद में भी समय समय पर संशोधित किए जाते हैं।  

 सेबी सर्कुलरों के द्वारा फंडस मैनेजरों के लिए दिशा निर्देश भी जारी करता है जिससे निवेशकों के हित सुरक्षित किए जा सकें। सभी म्यूचुअल फंडस, चाहे सार्वजनिक क्षेत्र द्वारा जारी किए गए हों या निजी क्षेत्र द्वारा या विदेशी प्रोमोटरों द्वारा, सेबी द्वारा बनाए गए समान विनियमों से प्रशासित होते हैं। ( Mutual Fund in Hindi )

Kinds of Mutual Funds

पूरी दुनियाँ में कई प्रकार के म्यूचुअल फंडस कार्य कर रहे हैं। उनमें से कुछ म्यूचुअल फंडस, जो निवेशकों के बीच में अधिक लोकप्रिय हैं, निम्नलिखित हैं:

Fixed income

इस प्रकार का म्यूचुअल फंड उन निवेशों का ध्यान रखता है जो निश्चित दर पर रिटर्न देते हैं।

Index funds

एक इंडेक्स फंड वह फंड होता है जो एक बड़े पूंजी बाज़ार के रूप में कार्य करता है।

Index Balanced funds

ये फंडस जोखिम को कम करने के लिए बोण्ड्स और स्टॉक्स में निवेश करते हैं। इसके अलावा, कुछ अन्य लोकप्रिय फंडस – फंडस ऑफ फंडस, टार्गेट-डेट फंडस, स्मार्ट-बीटा फंडस, वैकल्पिक फंडस, इक्विटी फंडस, सैक्टर फंडस और पूंजी बाज़ार फन्द्द्स हैं।

Mutual Fund Fees

म्यूचुअल फंडस का शुल्क दो वर्गों विभाजित होता है – शेयरधारकों से शुल्क, जो भुगतान शुल्क और कमीशन के रूप में लिया जाता है, और वार्षिक संचालन शुल्क, जो प्रबंधन के अंतर्गत, पूंजी के वार्षिक प्रतिशत के रूप में लिया जाता है।

यह भी जाने

Advantage and Disadvantage of Mutual Fund

mutual fund in hindi
mutual fund in Hindi

Advantages of Mutual Funds (म्यूचुअल फ़ंड के लाभ)

Advantages of Mutual Funds: म्यूचुअल फंडस में निवेश करने के कुछ प्रमुख लाभ – आसान पहुँच, व्यावसायिक प्रबंधन, व्यक्ति केन्द्रित, इसकी विभिन्न शैलियाँ हैं।

Disadvantages of Mutual Funds (म्यूचुअल फ़ंड की हानि)

Disadvantages of Mutual Funds: म्यूचुअल फंडस में निवेश करने की कुछ प्रमुख हानियाँ – प्रतिफल में उतार चढ़ाव, अधिक लागत, विभिन्नता, पारदर्शिता की कमी, फंडस के मूल्यांकन में कठिनाई हैं।

Net assets Value (NAV)

Net assets Value (NAV): म्यूचुअल फंडस के मामले में, नेट एसेट्स वैल्यू से तात्पर्य उस फंड की प्रति इकाई बाज़ार मूल्य से है। दूसरे शब्दों में, किसी म्यूचुअल फंड का प्रति इकाई वह मूल्य जिस पर उसे शेयर मार्केट में खरीदा या बेंचा जा सकता है। किसी म्यूचुअल फंड की एनएवी उसकी बाज़ार साख को निर्धारित करती है जिस पर दुनियाँ भर के निवेशक भरोसा करते हैं।

म्यूचुअल फंडस में निवेश कैसे करें

म्यूचुअल फंडस में निवेश करने के पूर्व, अपनी जोखिम क्षमता और पूंजी की उपलब्धता का ध्यान रखना आवश्यक होता है। म्यूचुअल फंडस के संबंध में यह जानना भी आवश्यक है कि जिस फंड में जोखिम जितना अधिक होता है, वह उतना ही अधिक रिटर्न देते हैं।

इसलिए नए निवेशकों को शुरुआत में छोटी पूंजी के साथ, कम जोखिम वाले म्यूचुअल फंडस में निवेश करना चाहिए। यदि आप लंबे समय के लिए पूंजी निवेश करना चाहते हैं तो मध्यम जोखिम वाले म्यूचुअल फंडस आपके लिए बेहतर हो सकते हैं।

यदि आपकी जोखिम उठाने के क्षमता अधिक है तो आपको कम अवधि वाले म्यूचुअल फंडस के लिए विचार करना चाहिए। आप शुरुआत 500 रुपये से भी कर सकते हैं।

यदि आप म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश करना चाहते हैं तो आप एप्लीकेशन के जरिये आसानी से निवेश कर सकते हैं इनकी लिस्ट नीचे दी गई ह ( Mutual Fund in Hindi )

  • Groww app
  • ETMONEY
  • Paytm Money
  • 5paisa
  • Upstok
  • Phone Pay

भारत में ऊंचा रिटर्न देने वाले कुछ म्यूचुअल फंडस

भारत में म्यूचुअल फंडस का बाज़ार बहुत बड़ा है। देश में लाखों लोग इस पूंजी बाज़ार के साथ निवेशक के रूप में जुड़े हैं। गत वर्षों में निवेशकों के बीच में लोकप्रिय कुछ प्रमुख म्यूचुअल फंडस निम्नलिखित हैं।

1. एक्सिस ब्लूचिप फंड (लार्ज-कैप)

एक्सिस म्यूचुअल फंड का निवेश ब्लू चिप स्टॉक्स या बड़ी कंपनियों के स्टॉक्स में जाता है। इस म्यूचुअल फंड ने पिछले 5 वर्षों में 23.45% सालाना के हिसाब से रिटर्न दिया है।  इस फंड में आप 1000 रुपये SIP की शुरुआत कर सकते हैं।

2. केनरा रोबेको ब्लूचिप इक्विटी फंड (लार्ज-कैप)

केनरा रोबेको म्यूचुअल फंड आठ वर्ष पहले शुरू हुई थी।  इसने भी पिछले 5 वर्षों में बेहतर रिटर्न दिया है। इसने SIP पर पिछले 5 साल में सालाना 22.14 फीसदी का रिटर्न दिया है. इसका AUM 3,691.25 करोड़ रुपये है। 

3. PGIM इंडिया मिड-कैप ऑर्प्च्यूनिटीज फंड

PGIM इंडिया मिड-कैप ओपरचूनीटीज़ ने पिछले 5 वर्षों में SIP पर 33.21% के हिसाब से रिटर्न दिया है। इसका AUM 2,383.38 करोड़ रुपये का है।

4. एक्सिस मिड-कैप फंड

यह म्यूचुअल फंड अधिक ग्रोथ की संभावना रखने वाली कंपनियों में निवेश करता है।  इसका AUM 13,834.27 करोड़ रुपये का है। पिछले 5 वर्षों में SIP पर इस फंड 26.27 फीसदी के हिसाब से रिटर्न दिया है।

5. निप्पॉन इंडिया स्मॉल-कैप फंड

यह स्मॉल-कैप कंपनियों में इनवेस्ट करता है। अगर आप थोड़ा ज्यादा रिस्क लेने के लिए तैयार हैं तो फिर इस फंड में निवेश कर सकते हैं। इसने पिछले पांच वर्षों में इस फंड ने SIP पर 28.22 फीसदी का रिटर्न दिया है। ( Mutual Fund in Hindi )

यह भी जाने

Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Inline Feedbacks
View all comments
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x