Geography में करियर कैसे बनाए : Career in Geography

Geography Me Career Kaise Banaye

Career in Geography in Hindi: विद्यार्थियों के बीच में यह एक आम धारणा है कि भूगोल के नीरस विषय है और इसकी पढ़ाई करने के बाद नौकरी आसानी से नहीं मिलती है। लेकिन यह एक गलत धारणा है क्योंकि एक विषय के रूप में भूगोल जितना व्यापक है, उसमें रोजगार (Career in Geography) की संभावनाएं भी उतनी ही अधिक हैं।

यदि आपमें जोश और रोमांचकारी कैरियर बनाने की इच्छाशक्ति है तो बदलते हुये इस नए दौर में इस विषय का सही तरीके से अध्ययन करके एक ऐसा करियर बना सकते हैं, जिसमें प्रतिष्ठा तो मिलती ही है, साथ में भारी-भरकम पैकेज की भी अपार संभावनाएं हैं। Career in Geography

What is Geography in Hindi : भूगोल वास्तव में है क्या


What is Geography in Hindi: भूगोल यानी ज्योग्राफी (Geography) एक ऐसा विषय है जिसमें पृथ्वी और उसके वातावरण की भौतिक विशेषताओं का अध्ययन किया जाता है। इसमें मानव आबादी व संसाधनों का वितरण और राजनीतिक व आर्थिक गतिविधियों का अध्ययन भी शामिल है, क्योंकि ये चीजें जहां एक ओर पृथ्वी और उसके वातावरण की भौतिक विशेषताओं को प्रभावित करती हैं,

वहीं दूसरी ओर, मानव आबादी और उससे संबन्धित पक्ष स्वयं भी पृथ्वी से प्रभावित होते हैं। प्रकृति से संबंधित विषय होने के कारण यह रोचक तो है ही, साथ ही, काफी रोमांचक भी है क्योंकि भूगोल के उच्च अध्ययन में पृथ्वी की विविधतापूर्ण भौतिक बनावट, मानव समाज की बनावट और विभिन्न संस्कृतियों से भी परिचित होने का अवसर मिलता है।

आज मनुष्य सभ्यता के जिस स्तर पर पहुँच गई है, उससे विभिन्न प्राकृतिक आपदायें, तेजी के साथ होने वाला जलवायु परिवर्तन, आबादी में निरंतर हो रही अत्यधिक वृद्धि, तेजी से बढ़ता शहरीकरण, प्राकृतिक संसाधनों के शीघ्र समाप्त हो जाने की सम्भावना और बहुसांस्कृतिक एकीकरण जैसे अनेक मुद्दों को भूगोल के पेशेवर ज्ञान से ही हल किया जा सकता है। Career in Geography

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बहुत व्यापक दायरा है भूगोल का : Career in Geography


Career in Geography: भूगोल में प्रकृति के विभिन्न पक्षों के शामिल होने से इस विषय का दायरा काफी व्यापक है। इसीलिए भूगोल का अध्ययन करने पर इसमें कैरियर की संभावनाएं भी काफी अधिक हैं। भूगोल की विभिन्न शाखाएँ भौतिक, मानव और पर्यावरण स्वयं में अत्यंत व्यापक हैं।

भौतिक भूगोल के अंतर्गत, पृथ्वी और उसके वातावरण की भौतिक विशेषताओं का अध्ययन किया जाता है जबकि मानव भूगोल में मनुष्य की राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के बारे में जाना-समझा जाता है। पर्यावरण भूगोल में व्यावसायिक पर्यावरण और उसका मानव जीवन पर पड़ने वाले प्रभावों के साथ-साथ मौसम, जलवायु आदि के बारे में विस्तार से अध्ययन किया जाता है।

Career in Geography after 12th : बारहवीं के बाद खुलते हैं रास्ते


Career in Geography after 12th: वैसे तो भूगोल की पढ़ाई स्कूलों में छठी क्लास से ही शुरू हो जाती है, लेकिन इसमें कैरियर बनाने के रास्ते बारहवीं क्लास (Career in Geography after 12th) के बाद ही खुलते हैं। इसमें बैचलर से लेकर पीएचडी तक अनेक कोर्स उपलब्ध हैं। स्नातक में दाखिला 12th (बारहवीं) के बाद ही मिलता है। इसके बाद M.A. (एमए) और एमए के बाद P.hd (पीएचडी) की सकती है। स्नातक के बाद (Career in Geography after Graduation) विशेष सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स भी होते हैं।

लेकिन यहां तक पहुंचने के लिए बारहवीं (Career in Geography after 12th) में भूगोल में अच्छे अंक लाना आवश्यक होता है। भूगोल के क्षेत्र में कैरियर बनाने के लिए यह आवश्यक है कि आपकी विषय पर पकड़ हो क्योंकि कुछ संस्थानों में प्रवेश मेरिट के आधार पर होता है जबकि कई संस्थान प्रवेश परीक्षा के माध्यम से प्रवेश लेते हैं।

भूगोल के क्षेत्र में कैरियर बनाने के लिए जरूरी है कौशल


Geograghy Mein Career Kaise Banaye: भूगोल में बेहतरीन करियर बनाने के लिए यह बेहद आवश्यक है कि आपके अंदर विषय के प्रति गहरी रुचि और ज्ञान के साथ-साथ दूसरे लोगों के साथ तालमेल बिठाकर चलने की क्षमता भी हो। दरअसल एक भूगोलवेत्ता को अपना कार्य अच्छी तरह से करने के लिए अलग-अलग विभागों से तालमेल बनाकर चलने की जरूरत होती है।

इसके अतिरिक्त, आपको कंप्यूटर का ज्ञान होना आवश्यक है। साथ ही, आंकड़ों का संयोजन, उनका विश्लेषण, तर्कसंगत एवं विश्लेषणात्मक चिंतन होना भी आवश्यक है। चूंकि, इस क्षेत्र (Career in Geography) में काम करने के लिए भागदौड़ बहुत करनी होती है, इसलिए इस क्षेत्र में कैरियर बनाने के लिए आपका शारीरिक रूप से भी स्वस्थ होना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, आपको गणित विषय का उपयुक्त ज्ञान और मैप बनाने में भी कुशल होना आवश्यक है।

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भूगोल में कैरियर बनाने के लिए आवश्यक प्रमुख कोर्स

स्नातक-स्नातकोत्तर ( Career in Geography after Graduation or Post Graduation )

  • Graduation स्नातक (बीए) – Its duration is 3 Years इसकी अवधि 3 साल है
  • Post Graduation-MA (स्नातकोत्तर (एमए)) – Its duration is 2 Years (इसकी अवधि दो वर्ष है)
  • पीएचडी – इसकी अवधि 2 साल है

पीजी डिप्लोमा कोर्स

  • रिमोट सेंसिंग एंड ज्योग्राफिकल इन्फॉर्मेशन सिस्टम – इसकी अवधि एक वर्ष है
  • Geographical Cartography (ज्योग्राफिकल कार्टोग्राफी) – Its duration is 1 Year (इस कोर्स की अवधि एक साल है)

पीजी सर्टिफिकेट कोर्स

  • जियोइन्फॉर्मेटिक्स एंड रिमोट सेंसिंग – इस कोर्स की अवधि छह महीने है

Career Opportunities in Geography : किन क्षेत्रों में हैं जॉब्स के अवसर


Career Opportunities in Geography: भूगोल में पढ़ाई करने के बाद रोजगार के बहुत से रास्ते खुल जाते हैं। भूगोल से संबन्धित क्षेत्र में ट्रांसपोर्टेशन, एयरलाइट रूट व शिपिंग रूट प्लानिंग, Cartography (कार्टोग्राफी), सेटेलाइट टेक्नोलॉजी, जनसंख्या परिषद, मौसम विभाग, आपदा प्रबंधन, पर्यावरण विज्ञान, एजुकेशन, सिविल सर्विसेज आदि क्षेत्रों में जॉब्स के अनेक अवसर मिल सकते हैं।

भूगोल में पेशेवर तौर पर प्रशिक्षित लोग रिमोट सेंसिंग मैप, बायोडाइवर्सिटी संरक्षण, खाद्य सुरक्षा आदि से जुड़ी Agencies (एजेंसियों) में भी काम करके अच्छी Income कर सकते हैं

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जॉब्स के लिए प्रमुख कार्य क्षेत्र

भूगोल के क्षेत्र में कुछ प्रमुख कार्य क्षेत्र निम्नलिखित हैं

कार्टोग्राफर : कार्टोग्राफर का मुख्य काम नक्शा और उससे संबंधित डायग्राम, चार्ट, ट्रैवल गाइड आदि का निर्माण और विकास करना तथा पुराने नक्शों व दस्तावेजों का जीर्णोद्धार करना होता है। इस क्षेत्र के विशेषज्ञों को सरकारी, सर्वेक्षण, संरक्षण और प्रकाशन के क्षेत्र में जॉब मिलता है।

पर्यावरण सलाहकार : पर्यावरण सलाहकार का मुख्य काम अपने वाणिज्यिक या सरकारी ग्राहकों से पर्यावरण संबंधी नियमों की जानकारी देना और उनका पालन कराना होता है। साथ ही, उसे विभिन्न पर्यावरणीय मुद्दों पर भी काम कराना होता है। इस क्षेत्र के विशेषज्ञों को सरकारी और जल से संबंधित संगठनों में जॉब मिलती है।

टाउन प्लानर : टाउन प्लानर का मुख्य काम शहरों, कस्बों, गांवों व ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और प्रबंधन की योजना बनाना, उसमें विकास के स्थायित्व और प्राकृतिक वातावरण की सुरक्षा सुनिश्चित करना, मौजूदा बुनियादी ढांचे में सुधार करना और पर्यावरण संबंधी मुद्दों का हल निकालना है। इस क्षेत्र के विशेषज्ञों को सार्वजनिक व निजी दोनों क्षेत्रों में काम मिलता है।

ज्योग्राफिकल इन्फॉर्मेशन सिस्टम्स ऑफिसर : ज्योग्राफ़िकल इन्फोर्मेशन सिस्टम्स ऑफिसर का मुख्य कार्य ज्योग्राफिकल इन्फॉर्मेशन सिस्टम्स (जीआईएस) से प्राप्त जटिल भौगोलिक सूचनाओं को एकत्र, संग्रहीत, विश्लेषित, प्रबंधित करना और उनको उचित मंच प्रस्तुत करना होता है। इन सूचनाओं का उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में पर्यावरण के अनुकूल निर्णय लेने के लिए किया जाता है। इस क्षेत्र के विशेषज्ञों को Defence (रक्षा), Telecommunication (दूरसंचार) और Transport (परिवहन), Weather Science (मौसम विज्ञान), Oil (तेल), Gas (गैस) आदि क्षेत्रों में रोजगार मिलता है।

कंजर्वेशन ऑफिसर: कंजर्वेशन ऑफिसर का कार्य प्राकृतिक वातावरण की रक्षा करना और पर्यावरण के अनुकूल तरीकों के बारे में स्थानीय समुदायों के बीच जागरूकता बढ़ाना है। इस क्षेत्र के विशेषज्ञों को मुख्य रूप से सार्वजनिक क्षेत्र में काम मिलता है।

रीसाइकिलिंग ऑफिसर: रिसाइकिलिंग ऑफिसर का मुख्य कार्य प्रयुक्त संसाधनों की रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देकर कचरे को कम करना होता है। इसके अतिरिक्त, इनको पर्यावरण के अनुकूल और अपशिष्ट पदार्थों में कमी लाने के सम्बन्ध में नीतियां व योजनाएं बनाना और उन नीतियों और योजनाओं को विकसित करना होता है। इस क्षेत्र के विशेषज्ञों को सरकारी, रीसाइक्लिंग के प्रोजेक्ट्स या पर्यावरण पर काम करने वाली गैर सरकारी संस्थाओं में काम मिलता है ।

भूगोल में नए और उभरते हुये कैरियर क्षेत्र

Geograghy Mein Career Kaise Banaye: भूगोल के क्षेत्र में कार्टोग्राफर, सर्वेयर, ड्राफ्टर, टीचर, लेक्चरर जैसे परंपरागत पेशों के साथ-साथ अन्य कई व्यावसायिक क्षेत्र भी हैं जो अपेक्षाकृत नए हैं। आइये डालते हैं उन पर एक नज़र:

जर्नलिस्ट : पत्रकारिता का दायरा बहुत व्यापक होता है। इसमें किसी खास विषय में विशेषज्ञता पर आधारित पत्रकारिता के क्षेत्र में कैरियर बनाने के लिए भी काफी संभावनाएं हैं। भूगोल की पढ़ाई करके Travelers Writer (ट्रैवल राइटर), Environment Generallist (एन्वायरन्मेंटल जर्नलिस्ट) के रूप में भी आप अच्छी सैलरी पर कार्य किया जा सकता है।

एन्वायरन्मेंटल लॉयर: इनवायरमेंटल लॉंयर का प्रमुख काम प्रदूषण की रोकथाम, जलवायु नियंत्रण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए सामाजिक जागरूकता फैलाना है। यह व्यवसाय पनाने के लिए भूगोल में स्नातक बनने के बाद नियम-कानून की जानकारी के लिए लॉ करना आवश्यक होता है।

वेदर फोरकास्टर : इस क्षेत्र के विशेषज्ञों का मुख्य काम मौसम का पूर्वानुमान व्यक्त करना है। इसी तरह कैटेस्ट्रोफ मॉडलर या Emergency Planner (इमरजेंसी प्लानर) के रूप में भी काम कर सकते हैं जिनका Main work लोगों को Natural Disasters (प्राकृतिक आपदा) जैसी स्थितियों से निपटने के लिए तैयार करना है। तथा इनका एक और काम है इनको इंश्योरेंस कंपनियों को डाटा और Computer Calculation (कंप्यूटर कैलकुलेशन) के जरिये यह बताना भी है किसी Disasters (आपदा) की स्थिति में उनकी कंपनी को कितना Loss हो सकता है।

लैंडस्केप आर्किटेक्ट: इस विषय में प्रशिक्षित लोगों का मुख्य काम पार्क, नेचर रिजर्व, नई जगहों पर आबादी बसाने और इंडस्ट्रियल लैंडस्केप की रूपरेखा बनाना, उन्हें तैयार करना और उनका प्रबंधन करना होता है।

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