क्रिप्टोकरेंसी क्या है ? जानिए पूरी जानकारी हिन्दी में

Cryptocurrency kya hai ( क्रिप्टोकरेंसी क्या है?): क्रिप्टोकरेंसी को लेकर आजकल खूब चर्चा हो रही है। सबसे पहले क्रिप्टोकरेंसी चर्चा में तब आयी जब बिटक्वाइन (Bitcoin) के नाम से एक क्रिप्टोकरेंसी जारी की गई। अब तो बाज़ार में बहुत सी क्रिप्टोकरेंसी बाज़ार में उपलब्ध हैं।

इसीलिए, आम लोगों में मन में तरह तरह की शंकाएँ उठती हैं की इस प्रकार की करेंसी का भविष्य क्या है, क्या इसमें निवेश करना है या नहीं, क्या इसको नियंत्रित करने के लिए कोई नियामक संस्था है या यह पूरी तरह से बाज़ार के आधीन हैं। साथ ही, लोगों के मन में यह भी जानने की उत्सुकता है कि भारत में इस प्रकार की करेंसी का भविष्य क्या है।

आइये! क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) के बारे में विस्तार से चर्चा करते हैं साथ ही, भारत में इसके भविष्य के भरे में भी जानने का प्रयास करते हैं। क्या होती है क्रिप्टोकरेंसी? (What is Cryptocurrency)

क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है: क्रिप्टो (Crypto) और करेंसी (currency)। क्रिप्टो (crypto) लैटिन भाषा का शब्द है जो cryptography से बना है और जिसका मतलब होता है, छुपा हुआ/हुई। जबकि करेंसी (Currency) शब्द लैटिन भाषा के currentia शब्द से बना है, जो कि रुपये-पैसे के लिए इस्तेमाल होता है। इस प्रकार, स्पष्ट है कि क्रिप्टोकरेंसी का मतलब छुपा हुआ पैसा या गुप्त पैसा या डिजिटल रुपया होता है।

 आम बोलचाल की भाषा में, क्रिप्टोकरेंसी एक तरह का डिजिटल पैसा ( Digital Currency) होता है, जिसे आप छू तो नहीं सकते, लेकिन रख सकते हैं। यानी यह मुद्रा का एक डिजिटल रूप है जिसे आप किसी सिक्के या नोट की तरह ठोस रूप में अपनी जेब में नहीं रख सकते हैं। यह मुद्रा पूरी तरह से ऑनलाइन होती है।  

यदि और आसान भाषा में कहा जाये तो ऐसे समझिए कि हर देश की अपनी मुद्रा (Currency)  होती है। जैसे कि भारत के पास रुपया, अमेरिका के पास डॉलर, सउदी अरब के पास रियाल, इंग्लैंड के पास पाउंड और अन्य यूरोपीय देशों के पास यूरो है। इस तरह, हर देश की अपनी-अपनी करेंसी होती हैं।

यानी करेंसी एक ऐसी धन-प्रणाली होती है जो किसी देश द्वारा मान्य हो और वहां के लोग इसके इस्तेमाल से जरूरी चीजें खरीद सकते हों. यानी जिसकी कोई वैल्यू हो, करेंसी (Currency) कहलाती है। Cryptocurrency Kya hai hindi mein batao

क्रिप्टोकरेंसी किसने बनाई – Cryptocurrency Kisne banaya

क्रिप्टोकरेंसी किसने बनाई । Cryptocurrency Kisne banaya : एक आम धारणा है कि क्रिप्टोकरेंसी की शुरुआत 2009 में सतोशी नाकामोतो ने की थी। लेकिन ऐसा नहीं है. इससे पहले भी कई निवेशकों ने या देशों ने डिजिटल मुद्रा पर काम किया था। अमेरिका ने 1996 मुख्य इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड के नाम से डिजिटल गोल्ड बनाया था,

जो एक ऐसा गोल्ड जिसे रखा नहीं जा सकता था, लेकिन इससे दूसरी चीजें खरीदी जा सकती थीं। हालांकि 2008 इसे प्रतिबंधित कर दिया गया। इसी प्रकार, 2000 में नीदरलैंड ने पेट्रोल भरने के लिए कैश को स्मार्ट कार्ड से जोड़ा था, वह भी एक प्रकार की क्रिप्टोकरेंसी ही थी। (Bitcoin Kya hota hai hindi mein batao)  

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क्रिप्टो करेंसी एक प्रकार की वर्चुअल करेंसी (Virtual Currency) है

आसान भाषा में कहा जाए तो क्रिप्टोकरेंसी एक डिजिटल कैश प्रणाली होती है, जो कम्प्यूटर एल्गोरिदम पर बनी होती है। यह सिर्फ डिजिट के रूप में ऑनलाइन उपलब्ध रहती है। इस करेंसी पर किसी भी देश या सरकार का कोई नियंत्रण नहीं होता है। शुरुआत में इसे अवैध करार देकर बहुत से देशों में प्रतिबंधित कर दिया गया था,

लेकिन बाद में Bitcoin की बढ़ती हुई लोकप्रियता के कारण इसे कई देशों में लीगल कर दिया गया है. कुछ देश तो अपनी खुद की क्रिप्टोकरेंसी ला रहे हैं। वर्तमान में, Bitcoin दुनिया की सबसे महंगी वर्चुअल करेंसी है. 

कैसे काम करती है Cryptocurrency?Cryptocurrency Kaise Kaam Karti Hai

कैसे काम करती है Cryptocurrency? : पिछले कुछ सालों से बहुत सी क्रिप्टोकरेंसी मुद्राओं के बाज़ार में आ जाने से क्रिप्टोकरेंसी की लोकप्रियता तेजी के साथ बढ़ी है। इन सभी करेंसियों को एक ब्लॉकचेन सॉफ़्टवेयर के ज़रिए इस्तेमाल किया जाता है। ये डिजिटल मुद्रा इनक्रिप्टेड यानी कोडेड होती हैं। इसे एक डिसेंट्रेलाइज्ड सिस्टम के जरिए मैनेज किया जाता है।

इसमें प्रत्येक लेन-देन का डिजिटल सिग्नेचर द्वारा वेरिफिकेशन होता है। क्रिप्टोग्राफी की मदद से इसका रिकॉर्ड रखा जाता है. इसके जरिए की गई खरीद को क्रिप्टो माइनिंग (Cryptocurrency Mininig) कहा जाता है क्योंकि इसके लिए हर प्रकार की जानकारी का डिजिटल रूप से डेटाबेस तैयार करना पड़ता है। जिनके द्वारा यह माइनिंग की जाती है, उन्हें माइनर्स कहा जाता है।

इस प्रकार, स्पष्ट है कि क्रिप्टोकरेंसी ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारिक एक वर्चुअल करेंसी होती है जो क्रिप्टोग्राफी द्वारा सुरक्षित राखी जाती है। यह सारा काम शक्तिशाली कंप्यूटर्स के जरिए होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके कोड को कॉपी करना लगभग नामुमकिन है इसलिए इसकी नकल करना संभव नहीं है।

कैसे होता है लेन-देन? । Ceyptocurrency Lenden

कैसे होता है लेन-देन? । Ceyptocurrency Lenden: क्रिप्टोकरेंसी में जब भी कोई ट्रैंजेक्शन होता है तो इसकी जानकारी ब्लॉकचेन में दर्ज कर दी जाती है. ब्लॉकचेन में दर्ज करने से तात्पर्य यह है कि इस जानकारी को एक ब्लॉक में रखा जाता है। इस ब्लॉक की सिक्योरिटी और इंक्रिप्शन का काम माइनर्स द्वारा किया जाता है। इसके लिए वे एक क्रिप्टोग्राफिक (Cryptographic) पहेली को हल करके ब्लॉक के लिए उचित Hash (एक कोड) खोजते हैं।

हैश खोजने के बाद क्या होता है?

जब कोई माइनर ठोस hash खोजकर ब्लॉक सिक्योर कर देता है तो इसके बाद उसे ब्लॉकचेन से जोड़ दिया जाता है और नेटवर्क में दूसरे नोड (Computers) के जरिए उसे वेरिफाई किया जाता है. इस प्रक्रिया को आम सहमति (consensus) कहा जाता है।

आम सहमति मिलने के बाद क्या होता है?

जब एक बार आम सहमति (consensus) मिल जाती है तो इसका मतलब यह होता है ब्लॉक के सिक्योर होने की पुष्टि हो गई है। तब यह लेनदेन सही पाया जाता है तो उसे सिक्योर करने वाले माइनर को क्रिप्टोक्वॉइन (cryptocoin) दे दिए जाते हैं। यह एक रिवार्ड होता है जिसे काम पूरा होने का सबूत माना जाता है।

कितने प्रकार की होती हैं क्रिप्टोकरेंसी?। Cryptocurrency Kitane Prakar Ki Hoti

कितने प्रकार की होती हैं क्रिप्टोकरेंसी?। Cryptocurrency Kitane Prakar Ki Hoti: यह प्रश्न अक्सर लोगों को भ्रमित करता है कि जब क्रिप्टोकरेंसी डिजिटल रूप में होती है तो यह कितने प्रकार की होती है और उनका आपस में क्या संबंध होता है। इस संबंध में विशेषज्ञों का मानना है कि दुनियाँ भर में लगभग 1800 से ज्यादा क्रिप्टो मुद्राएं उपलब्ध हैं

जिन्हें आप Bitcoin के अलावा भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इनमें से कुछ प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी  एथेरियम (ETH), लिटकोइन (LTC), डॉगकॉइन (Dogecoin) फेयरकॉइन (FAIR), डैश (DASH), पीरकॉइन (PPC), रिपल (XRP) हैं आदि हैं।

क्रिप्टोकरेंसी पर भरोसा कैसे करें?

एक समय इस क्षेत्र से जुड़े हुये विशेषज्ञों ने भविष्यवाणी की थी कि बिटकॉइन लगभग $180-$200 के आसपास आकर खत्म हो जाएगा लेकिन बिटक्वइन को जनता द्वारा बड़े पैमाने पर समर्थन मिलने और इसे अपनाने के साथ और यह अधिक विश्वास प्राप्त कर रहा है। पिछली तिमाही में बिटकॉइन (Bitcoin) के मार्केट कैप में लगभग $700 मिलियन डॉलर जोड़े गए थे। सितंबर 2020 के बाद से इसकी कीमत में लगभग दोगुने से अधिक की वृद्धि हुई है (Cryptocurrency Kya hai batao)

कई देश लाने वाले हैं क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency)

इस बात पर लंबे समय बहस होती रही है कि क्रिप्टोकरेंसी एक बबल स्पेस में है और किसी भी समय यह फट सकता है। लेकिन अब, जब इसे एक बड़े पैमाने पर स्वीकृति मिल रही है और इस क्षेत्र में नए निवेशकों द्वारा लगातार प्रवेश करने से और क्रिप्टोकरेंसी की कीमत और भी अधिक बढ़ गई है।

इस करेंसी पर आम जन के विश्वास को इसी बात से समझा जा सकता है कि कई देश अब अपनी स्वयं की क्रिप्टोकरेंसी लाने पर विचार कर रहे हैं। पहले जिन सरकारों ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया था या प्रतिबंध लगाने का विचार कर रहे थे, उनके रुख में भी बड़ा परिवर्तन देखा जा रहा है। भारत सहित बहुत से देश इसे कुछ शर्तों की अधीन मान्यता देने का विचार कर रहे हैं

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भारतीय मार्केट प्लेयर कौन-कौन हैं?Cryptocurrency Exchange in India

भारतीय मार्केट प्लेयर कौन-कौन हैं?Cryptocurrency Exchange in India: Bitcoin Wallet की तुलना हमारे मोबाइल वॉलेट से की जा सकती है। क्योंकि इसमें भी मोबाइल वैलेट की भांति एक संख्या मिलती है जो इसके बाज़ार मूल्य की प्रतीक होती है। मोबाइल वैलेट की भांति बिटकोइन वालेट में हम अपना पैसा स्टोर करते हैं और उसी से ट्रांजेक्शन करते हैं। इस समय भारत में WazirX, Unocoin, Zebpay नामक भारतीय कंपनियां बिटक्वॉइन के कारोबार के साथ जुड़ी हुई हैं। (Cryptocurrency kaise khareed sakte hai)

Top 7 Cryptocurrency Exchange in India

  1. CoinDCX
  2. WazirX
  3. Bit bns
  4. Zebpay
  5. BuyUcion
  6. Giottus
  7. Unocoin

क्या कहते हैं WazirX के फाइंडर?

WazirX के फाइंडर?: WazirX के फाउंडर और CEO निश्चल शेट्टी ने अभी हाल में ही एक इंटरव्यू में बताया है कि भारत में अभी इसे लेकर लोगों के बीच में बहुत कनफ्यूजन है क्योंकि भारत में क्रिप्टोकरेंसी के संचालन के लिए कोई रेगुलेशन नहीं बना है। लोग इसके बारे में सुनते तो हैं

लेकिन कोई रेग्युलेशन न होने के कारण इसका प्रयोग करने से डरते हैं। इस संबंध में निश्चल शेट्टी का कहना है वास्तव में इंटरनेट पर मौजूद बहुत सारी चीजें अनरेगुलेटेड हैं।  ola, uber सहित अनेक ई-कॉमर्स कंपनियाँ भारत में अभी भी अनरेगुलेटेड हैं।

जब इसका काम आगे बढ़ेगा तो सरकार भी इसके नियमन के लिए कानून बनाने के लिए बाध्य होगी। इसके लिए इन्वेस्टर्स के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि क्रिप्टोकरेंसी रेगुलेटेड नहीं होने से इसमें फ्रॉड और स्कैम की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है।

कैसे खरीदें और बेचें क्रिप्टोकरेंसी?How to Buy or Sell Cryptocurrency

कैसे खरीदें और बेचें क्रिप्टोकरेंसी? । How to Buy or Sell Cryptocurrency: इस सवाल का जवाब भी अब आसान हो गया है। बढ़ती लोकप्रियता के कारण, अब बाजार में ढेरो क्रिप्टो एक्सचेंज प्लेटफॉर्म्स उबलब्ध हैं। ऐसे में देश में Bitcoin, Shib Coin और Dogecoin जैसी क्रिप्टोकरेंसी को खरीदना और बेचना काफी आसान हो गया है। इस क्षेत्र के कुछ पॉपुलर प्लेटफॉर्म्स में WazirX, Zebpay, Coinswitch Kuber और CoinDCX GO के नाम शामिल हैं।

इनके अलावा, इन्वेस्टर्स Coinbase और Binance जैसे इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म्स से भी Bitcoin, Dogecoin और Ethereum जैसी दूसरी क्रिप्टोकरेंसी भी खरीद सकते हैं। इसके बारे में, सबसे खास बात यह है कि खरीदारी के ये सभी प्लेटफॉर्म चौबीसों घंटे खुले रहते हैं।

क्रिप्टोकरेंसी को खरीदने और बेचने की प्रक्रिया भी काफी आसान होती है। आपको केवल इन प्लेटफॉर्म्स पर साइन अप करना होगा। साइन अप करने के बाद आपको अपना KYC प्रोसेस पूरा कर वॉलेट में मनी ट्रांसफर करना होगा। इसके बाद आप खरीदारी कर सकते हैं।

Crypto Currency का उपयोग । Cryptocurrency ka Use kya Hai

Crypto Currency का उपयोग । Cryptocurrency ka Use kya Hai: क्रिप्टोकरेंसी का प्रयोग करके दुनियाँ भर में व्यावसायिक लेनदेन हो रहा है। अभी जुलाई माह में ही, क्रिप्टोकरेंसी से दुनिया का सबसे महंगा हीरा खरीदा गया है। इससे साफ हो गया है कि इससे भविष्य में भौतिक चीजें भी खरीदी जा सकेंगी. हालांति क्रिप्टोकरेंसी को नोट और सिक्कों के रूम में प्रिंट नहीं किया जा सकता है लेकिन फिर भी इसकी अपनी वैल्यू होती है।

Cryptocurrency से आप सामान खरीद सकते हैं, Trade कर सकते हैं और इन्वेस्ट कर सकते हैं, लेकिन अपनी तिजोरी में नहीं रख सकते. न ही बैंक के लॉकर में रख सकते हैं. क्योंकि यह Digits के रूप ऑनलाइन रहती है। इसे डिजिटल मनी, वर्चुअल मनी और इलेक्ट्रॉनिक मनी भी कहा जाता है. इसकी वैल्यू फिजिकल करेंसी से कहीं ज्यादा होती है। कुछ टॉप क्रिप्टोकरेंसी की वैल्यू तो डॉलर से भी हजारों गुना ज्यादा है।

भारत में क्रिप्टोकरेंसी का भविष्य । India’s New Crypto Regulations

भारत में क्रिप्टोकरेंसी का भविष्य । India’s New Crypto Regulations: भारत में क्रिप्टोकरेंसी को लेकर अभी कोई सरकारी गाइडलाइन या नियम-कानून मौजूद नहीं हैं, यही वजह है कि वज़ीरएक्स जैसे मामलों में अभी सिर्फ़ केवाईसी के नियमों का पालन नहीं करने को लेकर नोटिस भेजा गया है।

भारत सरकार संसद के अगले सत्र में क्रिप्टोकरेंसी की निगरानी के लिए एक बिल पेश कर सकती है। वर्चुअल करेंसी को रेगुलेट करने पर सरकार की एससी गर्ग समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। इसके अलावा सरकार के पास कई मंत्रालयों की एक संयुक्त समिति की रिपोर्ट भी है।

इस क्षेत्र के विशेषज्ञों एवं जानकारों का कहना है कि एससी गर्ग समिति ने क्रिप्टोकरेंसी पर भारत में पाबंदी लगाने की सलाह दी है लेकिन मार्च में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संकेत दिए थे कि वर्चुअल करेंसियों को केवल रेगुलेट किया जाएगा, उन पर प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा।

इससे यही ध्वनित होता है कि इसके रेग्युलेशन को लेकर सरकार इस समय दुविधा में नज़र आती है। लेकिन, सरकार इसका आख़िरी फैसला क्या है, इसका पता विधेयक के पेश किए जाने के बाद ही लगेगा। (बिटकॉइन इंडिया में लीगल है या नही )

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prasad
21 days ago

 <a href=”https://fastnewsfree.blogspot.com/2021/10/Meme-Crypto-shiba-Coin-Making-Many-Indians-Overnight-Millionaires-fast-news-india.html“> ‘मेमे क्रिप्टो सिक्का’ ‘Shiba Coins’ जो कई भारतीयों को रातोंरात करोड़पति बना रहा है</a> 

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